Introduction


इच्छापूर्ती यंत्र केे बारेमे
कुछ साल पहलैकी बात है । मेरे हातमे एकही पेड़ के दो फल थे। उन्हें मैंने एक दुसरे पे चिपकाके हाथ में पकड़े रखा था।और मैं मेरे परंप्रिय भगवान गणपती बाप्पाका जाप कर रहा था। यह करते समय कुछ अलग महसूस हो रहा है ऐसा लग रहा था। मन प्रसन्न हो रहा था। मैंने यह प्रक्रिया बार बार करके देखा। हर बार मुझे एकही अनुभुती हो रही थी। फिर मैने वह दो फलों को चिपकानेवाली पट्टीसे चिपकाके रखा। उसके बाद बार बार उस चिजको हाथ में पकड़के देखा। मुझे वह एकही अनुभव आ रहा था। फिर इस प्रकार दो दो फलों को लेकर हाथ में थोडा समय बाप्पाका नाम लेते पकड़के रखने के बाद इसी प्रकार चिपकाके रखा। उस हर जोडिमेसे मुझे वोही अनुभव मिल रहा था। फिर इस वस्तुके बारे में मनमे अलग अलग विचार आने शुरु हो गये। इसमें कुछ इश्वरी सामर्थ्य है ऐसा लगने लगा। औरज्यादा सोचने के बाद एक विचार मन में आने लगा इस यंत्र का सांसारीक समस्याओं को कम करने के लिये प्रयोग कर सकते हैं।

पहले मैंने खुद मेरे बारे में परीक्षण के तौरपर कामकाज चालु किया। हाथ में इस यंत्र को रखकर मैंने मेरे अटके हुए कामों के बारे में बोलना शुरु किया। पहले 15 दीन लगातार मैं यह करते रहा। 15 दीन बाद मेरी एक इच्छा पुरी हो गयी। जो की किसी बंदेके पास मेरे पैसे अटके पड़े थे। बार-बार मांगने पर भी नहीं मिल रहे थे। उस बंदे ने पैसे खुद घरपर आके लौटा दिये। यंत्र को हाथ में पकड़कर कुछ ना कुछ जरुरी काम के बारे में बोलना चालु रह गया। और मेरे अटके हुवे काम धीरे धीरे पुरे होने लगे। मैंने मन ही मन में यह घोषित कर दिया की यह इच्छापूर्ती मंत्री है। यह होते होते मेरे मन में एक विचार आने लगा की मेरे अधुरे काम पुरे हो रहे हैं तो बाकी लोगों के काम क्यु नहीं होगे। तो मैने पहचानवाले लोगोंको इस घटनाके बारे में समझाना शुरु किया। और यह यंत्र बनाकर देना शुरु किया।

कुछ ही दिनोमे जिन लोगों ने इस यंत्र का उपयोग करना शुरु किया था उन लोगों के फोन कॉल्स आने शुरु हुए। या खुद लोगों ने मुझे मिलके बताना शुरु किया की उनकेभी अटके हुवे काम पुरे हो रहे हैं।

वक्त ऐसे ही निकल जा रहा था। जिन लोगों ने इस यंत्र का उपयोग करना चालु कियाथा उनके अभिप्राय आ रहे थे। किसिके दो काम हुए तो किसिके पांच तो किसिके सात। तो आप भी इस इच्छापूर्ती यंत्र का प्रयोग करके अपनी रुकी पड़ी हुई कामनाएं पुरी कर लेने के लिये प्रयास कर सकते हो।